दर्ज मामले में अजय कुमार के हवाले से बताया गया कि मोनी बाबा 28 अक्टूबर को आश्रम आया था और रात वहीं रुका था। अजय के अनुसार, वह सुबह करीब 8 बजे दोनों साधुओं को चाय पिलाकर गया था।