दूध बेचने वाले एक साधारण युवक से चंबल के सबसे खौफनाक डाकुओं में शामिल होने तक का सफर और फिर हाई सिक्योरिटी जेल की बैरक में हत्या..। करीब दो दशक तक चंबल के बीहड़ों में आतंक का पर्याय रहे जगन गुर्जर का अंत उसी अपराध की दुनिया में हो गया।