राजस्थान में मंदिरों और तीर्थस्थलों के विकास पर सरकारी रिपोर्ट ने चौंकाने वाले तथ्य उजागर किए हैं। 106.76 करोड़ रुपये स्वीकृत होने के बावजूद केवल 56% राशि जारी हुई।