आरोपी को अपराधी की तरह पेश करने और सोशल मीडिया ट्रायल चलाने की पुलिस प्रवृत्ति पर राजस्थान हाईकोर्ट ने कड़ी टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि गिरफ्तारी के बाद भी व्यक्ति की गरिमा और निजता के अधिकार खत्म नहीं होते।