वाहन का बीमा, प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसी), फिटनेस या रजिस्ट्रेशन से जुड़ा दस्तावेज एक्सपायर होने के बाद रिन्यू नहीं कराने की लापरवाही वाहन मालिकों पर भारी पड़ सकती है।