नोटिस में दावा किया गया है कि संबंधित बयान मीडिया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर व्यापक रूप से प्रसारित हुए। इससे न केवल बेनीवाल की व्यक्तिगत प्रतिष्ठा प्रभावित हुई, बल्कि उनकी राजनीतिक छवि को भी नुकसान पहुंचा।